​अगर अचानक हमारे स्मार्टफोन में No Service लिखकर आ जाए तो हमें लगता है कि मोबाइल नेटवर्क चले गए हैं और हम सिम प्रोवाइडर को दोष देने लगते हैं। नेटवर्क वापस आ जाने पर हम इसे भूल जाते हैं। ऐसा कई बार होता है। आजकल के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हमारे जीवन का एक जरूरी हिस्सा बन गया है। बैंक अकाउंट, सोशल मीडिया, यूपीआई (UPI) अकाउंट हमारे मोबाइल नंबर से लिंक होते हैं।

ऐसे में अगर फोन से अचानक नेटवर्क गायब हो जाए या No Service लिखा आने लगे, तो इसे सिर्फ एक साधारण नेटवर्क खराबी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। DoT ने हाल ही में इसके लिए चेतावनी जारी की है। विभाग ने बताया है कि यह सिम स्वैप फ्रॉड हो सकता है। इसके बाद लोगों को क्या करना चाहिए, विभाग ने इस बारे में भी जानकारी दी है।​
No Service का मतलब नेटवर्क गड़बड़ी नहीं


भारत सरकार के संचार मंत्रालय के तहत काम करने वाला एक सरकारी विभाग DoT ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से ट्वीट करके बताया है कि नो सर्विस एरर आना अगर आपको सिर्फ नेटवर्क की कोई गड़बड़ी लगती है? तो फिर से सोचिए। विभाग का कहना है कि नेटवर्क का अचानक चले जाना सिम स्वैप फ्रॉड का पहला संकेत हो सकता है। इस कारण इसे नजरअंदाज करने की जगह अपने टेलीकॉम ऑपरेटर को तुरंत कॉल करें।


DoT का ट्वीट


क्या होता है सिम स्वैप फ्रॉड?


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सिम स्वैप का मतलब होता है कि आपके मौजूदा सिम कार्ड के बदले किसी दूसरे सिम कार्ड को एक्टिवेट करा लेना।

  • इस फ्रॉड में हैकर्स सबसे पहले फिशिंग या सोशल इंजीनियरिंग के जरिए आपकी निजी जानकारियां जैसे आपका नाम, जन्म तिथि, आधार या पैन से लिंक रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर चुराने की कोशिश करते हैं।

  • इसके बाद खुद को आप बताकर या नकली दस्तावेज बनाकर टेलीकॉम कंपनी के स्टोर पर जाते हैं और सिम खो जाने या खराब होने का बहाना बनाकर नया डुप्लीकेट सिम निकलवा लेते हैं।

  • जैसे ही टेलीकॉम कंपनी नया सिम चालू करती हैं, आपके फोन का नेटवर्क पूरी तरह बंद हो जाता है और आपका नंबर अपराधियों के नए सिम पर काम करने लगता है।

  • इसके बाद आपके सभी ओटीपी, बैंक अलर्ट और पासवर्ड रिसेट मैसेज उनके पास पहुंचने लगते हैं, जिससे वे आसानी से आपके बैंक अकाउंट को खाली कर देते हैं।


बचने के लिए अपनाएं ये तरीका


DoT ने अपने ट्वीट में बताया है कि अगर फोन पर अचानक नो सर्विस लिखा आ जाए तो आपको सबसे पहले टेलकॉम कंपनी को कॉल करें। अगर आपके नाम पर डुप्लीकेट सिम रिक्वेस्ट दर्ज की गई है तो तुरंत उस नंबर को ब्लॉक करवाएं।

  • साथ ही, ध्यान रखें कि किसी भी सोशल मीडिया या किसी अंजान ईमेल पर अपनी निजी जानकारियां शेयर ना करें।

  • इसके अलावा, अपने बैंक अकाउंट और जरूरी ऐप्स पर सिर्फ एसएमएस आधारित ओटीपी पर निर्भर ना रहें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) के लिए ऑथेंटिकेटर ऐप्स या ईमेल अलर्ट का इस्तेमाल करें।