पिछले 72 घंटे से गंदगी से पटी पड़ी राजधानी 13 घंटे में क्लीन हो गई है। बीती रात 8 बजे से शुरू सफाई का दौर शनिवार सुबह 9 बजे तक चला। न्यू मार्केट समेत बाजारों की पानी की धुलाई की गई तो रहवासी इलाकों में एकसाथ अमला उतरा।

खास बात ये है कि हड़ताल के दौरान कोई भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि या अधिकारी ने मोर्चा नहीं संभाला, लेकिन जैसे ही हड़ताल खत्म हुई, सब बाजारों में सफाई करने में जुट गए।

अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि दोपहर तक पूरी राजधानी को साफ कर देंगे। सिर्फ रोजाना का कचरा ही दिखाई देगा, जो रूटिन सफाई में हटाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद कल रात से ही एकसाथ कर्मचारी मैदान में उतरे। पहले प्रमुख सड़कों और बाजारों से कचरा उठाया, फिर गली-मोहल्लों में सफाई की। महापौर राय ने बताया कि रातभर कर्मचारियों ने कचरा उठाया और सफाई की। आज सुबह हमारी टीम न्यू मार्केट, चौक बाजार समेत अन्य बाजारों में पहुंचकर निरीक्षण किया।


7000 से ज्यादा सफाईकर्मी हड़ताल पर रहे

बता दें कि 7000 से ज्यादा सफाईकर्मियों के हड़ताल पर जाने से भोपाल में पिछले 3 दिन से सफाई नहीं हुई थी। इस वजह से बाजारों से लेकर गली-मोहल्ले और सड़कें कचरे से पट गए थे। जहां देखों वहां गंदगी ही नजर आईं।

इसके चलते मंत्री कृष्णा गौर ने पहल की और यूनियन पदाधिकारियों को बुलाया। उनसे हड़ताल खत्म करने की बात कहने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात कराई।
मुलाकात सकारात्मक हुई और कर्मचारी संगठन ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया। इसके बाद से रात से ही सफाई शुरू कर दी गई।

अब मैदान में उतरे जिम्मेदार

रात में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, महापौर मालती राय, निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार समेत अन्य अधिकारी 10 नंबर मार्केट पहुंचे और खुद झाड़ू लगाकर सफाई की।

वहीं, शनिवार सुबह महापौर और कमिश्नर न्यू मार्केट पहुंचे। यहां उन्होंने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। हालांकि, 3 दिन चली हड़ताल के दौरान कोई भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि सफाई करने मैदान में नहीं उतरा। जैसे ही हड़ताल खत्म हुई जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों ने हाथों में झाड़ू उठा ली।

मंत्री गौर ने आगे आकर पहल की। वरना यह हड़ताल चौथे दिन शनिवार को भी जारी रही।


इतिहास की पहली ऐसी हड़ताल

यूनियन के अध्यक्ष झांझोट ने बताया कि भोपाल नगर निगम के इतिहास में पहली बार सफाईकर्मियों की इतनी बड़ी हड़ताल की गई। इससे पहले कभी भी लगातार 3 दिन तक सफाईकर्मियों की हड़ताल नहीं हुई। बीच-बीच में वेतन बढ़ाने को लेकर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करते रहे, लेकिन मांगें नहीं मानी गई। इसके बाद ही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरे।


मध्यप्रदेश में सफाई कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया। इसके बाद भोपाल के कुछ इलाकों में सफाई का काम भी शुरू हो गया। नरेला विधानसभा क्षेत्र में भी सफाई शुरू कर दी गई है।