कब आएगा रिलायंस जियो का आईपीओ? मुकेश अंबानी ने दिया बड़ा अपडेट, टूटेंगे लिस्टिंग के सारे रेकॉर्ड!
Updated on
25-04-2026 01:43 PM
नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित आईपीओ को लेकर बड़ा संकेत दिया है। अंबानी ने इसे एक निर्णायक मील का पत्थर बताते हुए संकेत दिया है कि कंपनी भारत के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ की तैयारी में तेजी से आगे बढ़ रही है। अंबानी ने कंपनी की अर्निंग्स रिलीज के दौरान कहा, 'मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। यह इसकी यात्रा में एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा।'बाजार के जानकारों के अनुसार, रिलायंस मई 2026 की शुरुआत में आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर (DRHP) दाखिल कर सकता है। इसमें वित्त वर्ष 2026 (FY26) के पूरे आंकड़े शामिल किए जाएंगे। 180 अरब डॉलर (करीब 17 लाख करोड़ रुपये) के संभावित मूल्यांकन के साथ, यह आईपीओ लगभग 4 अरब डॉलर जुटा सकता है, जो इसे भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी लिस्टिंग में से एक बना देगा।कैसा रहा जियो का प्रदर्शन?
रिलायंस ने कल यानी शुक्रवार को जियो प्लेटफॉर्म्स के मार्च तिमाही के आंकड़े पेश किए थे। इस तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स ने शानदार नतीजे दर्ज किए:
- ऑपरेटिंग रेवेन्यू 13% बढ़कर 44,928 करोड़ रुपये हो गया।
- नेट प्रॉफिट 13% बढ़कर 7,935 करोड़ रुपये हो गया।
- EBITDA में 18% की बढ़ोतरी हुई।
- ARPU (प्रति ग्राहक कमाई) बढ़कर 214 रुपये हो गई।
- कुल डेटा ट्रैफिक में 35% वृद्धि हुई।
- 91 लाख नए ग्राहक जुड़े।
निवेशकों के लिए JIO IPO के क्या मायने?
- जेएम फाइनेंशियल और CLSA जैसे बड़े ब्रोकर्स का मानना है कि जियो की लिस्टिंग रिलायंस के शेयरों के लिए एक बड़ा बूस्टर साबित होगी।
- विशेषज्ञों का मानना है कि अलग लिस्टिंग से जियो का स्वतंत्र मूल्यांकन हो सकेगा, हालांकि रिलायंस की हिस्सेदारी पर होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट का जोखिम हो सकता है, लेकिन इसकी संभावना कम है।
- मुकेश अंबानी ने जोर दिया कि जियो अब केवल एक टेलीकॉम कंपनी नहीं, बल्कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और अगली पीढ़ी के तकनीकी प्लेटफॉर्म्स को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में काम कर रही है।