ग्वालियर में आधी रात घर से बुलाकर कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने वालों में मुख्य आरोपी ‘राधे गुर्जर’ के मोबाइल और डिजिटल डेटा ने कई राज खोल दिए हैं। ‘राधे’ ऑनलाइन गेमिंग की बुरी लत ​थी।

इस ऑनलाइन गेमिंग के लिए वह मृतक (पुरुषोत्तम) से रुपए मोटे ब्याज पर उधार लेता था। कुछ समय पहले तक यह मृतक के ब्याज के धंधे को संभालता था, लेकिन गड़बड़ी और कर्ज ज्यादा होने पर इसे काम से हटा​ दिया था।

पुलिस ने आरोपियों को दो दिन की रिमांड पर लिया है। जब ‘राधे’ का अकाउंट खंगाला तो आश्चर्य चकित करने वाला डेटा मिला है। पिछले एक महीने में राधे ने 35 लाख रुपए अपने अकाउंट से खर्च किए हैं। यह पूरा पैसा उसने ऑनलाइन गेमिंग में लगाया था और यही उस पर कर्ज था।


ग्वालियर में बुधवार (14 अक्टूबर) की सुबह 8 बजे के लगभग केदारपुर छोटी मढैया गांव के पास किसी एक खेत में गांव में ही रहने वाले 35 वर्षीय पुरुषोत्तम गुर्जर का शव पड़ा मिला था। घटना स्थल पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने जांच की थी।

प्रारंभिक पड़ताल में ही गर्दन पर पांच व सिर पर दो घाव की पुष्टि हो गई। इतनी बेरहमी से हत्या बता रही थी कि हत्या आरोपियों के दिल में मृतक के लिए बहुत नफरत थी।

मृतक की जेब से लेनदेन की एक पर्ची मिली थी, जिसके बाद यह साफ हो गया था कि हत्या की वजह लेनदेन ही है। जब पुलिस ने संदेहियों की लिस्ट तलाशी तो यह चार नाम भी मिल गए थे, जिनको खंगाला तो पूरी कहानी सामने आ गई।

3 दिन पहले चबूतरे पर बनी थी मर्डर की प्लानिंग

पूछताछ में सामने आया कि गांव 'छोटी मडईयां' के रहने वाले रमन गुर्जर, राधे उर्फ राधाकृष्ण गुर्जर, छोटू उर्फ राहुल और विजय उर्फ खैरी ने पुरुषोत्तम से 20 फीसदी की अत्यधिक ब्याज दर पर लाखों रुपए कर्ज ले रखे थे। पुरुषोत्तम रोज तगादा करता और लगातार दबाव बना रहा था। गांव में कहीं भी किसी के भी सामने बेइज्जत करता था। तंग आकर हत्या से 3 दिन पहले गांव के चबूतरे पर बैठकर चारों ने उसकी हत्या का प्लान तैयार किया था और 13-14 अक्टूबर की दरमियानी रात उसकी हत्या कर दी।

मनमाने ब्याज का दलदल और भरोसे का कत्ल

झांसी रोड थाना पुलिस ने पड़ताल की तो पता लगा कि आरोपी राधे गुर्जर को ऑनलाइन गेमिंग का जानलेवा चस्का लगा हुआ था। इस लत को पूरा करने के लिए वह मृतक पुरुषोत्तम से बेतहाशा ब्याज पर पैसा उधार लेता था।

पहले राधे ही पुरुषोत्तम के ब्याज का पूरा कारोबार संभालता था। लेकिन जब राधे पर चार गुना ब्याज का कर्ज चढ़ गया, तो दोनों के बीच कड़वाहट आ गई। इसके बाद राधे ने रमन (हत्या आरोपी) के जरिए पुरुषोत्तम से लेन-देन शुरू कराया, जिससे पुरुषोत्तम का भरोसा रमन पर कायम हो गया।

घटना वाले दिन भी रमन ही हिसाब-किताब के बहाने पुरुषोत्तम को घर से बुलाकर खेत पर ले गया था, जहाँ आरोपियों ने कुल्हाड़ी से काटकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

कुल्हाड़ी बरामद, बैंक खातों के खंगालने में जुटी पुलिस

झांसी रोड थाना पुलिस ने गिरफ्तार चारों आरोपियों को अदालत से दो दिन की रिमांड पर लिया है। टीआई शक्ति सिंह यादव ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई है। फिलहाल पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है, ताकि 35 लाख रुपए के लेनदेन और हत्या की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ा जा सके।