
इन कर्मचारियों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में हितग्राहियों का भुगतान अब भी लंबित है। इसके बाद विभाग ने तीनों कर्मचारियों के 10 दिन का वेतन काटते हुए चेतावनी दी है कि कार्य में सुधार नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रीवा और सीधी जिले के कर्मचारियों पर कार्रवाई
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश के मिशन संचालक ने रीवा और सीधी जिले के तीन स्वास्थ्य कर्मचारियों पर यह कार्रवाई की है। इनमें विकासखंड हनुमना (मऊगंज), जिला रीवा के विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक रोहित सिंह, विकासखंड सिहावल, जिला सीधी के विकासखंड लेखा प्रबंधक रोहित सिंह और जिला अस्पताल सीधी के लेखा प्रबंधक अरुण सिंह शामिल हैं।
इन कर्मचारियों को हितग्राही मूलक योजनाओं के भुगतान में अनावश्यक देरी और कार्य के प्रति उदासीनता के कारण पहले नोटिस जारी किया गया था।
नोटिस के बाद भी लंबित रहे कई भुगतान
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद भी कई प्रसूताओं को मिलने वाली योजनाओं की राशि लंबित पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि नोटिस जारी होने की तारीख से लेकर अब तक बड़ी संख्या में जननी सुरक्षा योजना और मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के हितग्राहियों को भुगतान नहीं किया गया। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही माना है।
10 दिन का वेतन काटा, दी चेतावनी
कार्य में लापरवाही और राज्य कार्यालय के आदेशों की लगातार अनदेखी करने पर स्वास्थ्य विभाग ने तीनों कर्मचारियों पर अर्थदंड लगाया है। कार्रवाई के तहत उनके 10 दिन का वेतन काटा गया है। साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया है कि लंबित भुगतान जल्द से जल्द निपटाएं।
सरकार की प्राथमिकता है समय पर भुगतान
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जननी सुरक्षा योजना और मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना का उद्देश्य प्रसूता महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है, ताकि उन्हें प्रसव के समय बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। सरकार की प्राथमिकता है कि इन योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को समय पर मिले। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।