दीपावली पर मिठाइयों को चमकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले चांदी के वर्क में मिलावट का खेल चल रहा है। भोपाल और इंदौर में दैनिक भास्कर ने मिठाई कारोबारी बनकर स्टिंग किया। इसमें कुछ दुकानदार चांदी के नाम पर एल्युमिनियम का वर्क बेचते मिले। 150 शीट का असली चांदी का वर्क जहां ₹1,350 में मिल रहा, वहीं एल्युमिनियम का वर्क सिर्फ ₹180 में देने की बात कही गई।
भोपाल के दो बाजारों में दुकानदारों ने एल्युमिनियम के वर्क को मिठाई कारोबारियों के बीच प्रचलित बताया। एक बिचौलिए ने दावा किया कि कई मिठाई वाले उससे ही यह वर्क खरीदते हैं। इंदौर के राजवाड़ा बाजार में भी सस्ते वर्क को चांदी का बताकर बेचा गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले वर्क की गुणवत्ता और उसकी सामग्री की जांच जरूरी है। एल्युमिनियम के सेवन से सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। पढ़िए, भास्कर के स्टिंग में कैसे सामने आया यह पूरा मामला…
स्टिंग 1: ओल्ड सिटी मार्केट, भोपाल
दैनिक भास्कर की टीम मिठाई कारोबारी बनकर प्रधान स्टोर पहुंची। रिपोर्टर ने चांदी का वर्क मांगा तो दुकानदार ने पहले चांदी का और फिर एल्युमिनियम का वर्क दिखाया।
दुकानदार: यह 150 शीट का असली चांदी का वर्क ₹1,350 का है।
रिपोर्टर: कुछ सस्ता मिलेगा?
दुकानदार: (बिना प्रिंट वाला पैकेट दिखाते हुए) यह भी 150 शीट का है। ₹180 में मिल जाएगा।
रिपोर्टर: यह लोकल है? नुकसान तो नहीं करेगा? किस चीज का बना है?
दुकानदार: यह एल्युमिनियम का बना होता है। इससे कोई नुकसान नहीं है। मिठाई वाले इसे ले जाते हैं। इसका रंग भी नहीं उड़ता।
स्टिंग 2: चौक बाजार, भोपाल
चौक बाजार में सोनू नाम के बिचौलिए की मदद से रिपोर्टर एक दुकान तक पहुंचा।
सोनू: (10 मिनट बाद 200 शीट का पैकेट लेकर लौटा) यह 200 शीट का वर्क ₹350 का है। एल्युमिनियम का बना है। कई मिठाई वाले हमसे ही खरीदते हैं। 15-20 दिन रखने पर भी इसका रंग नहीं बदलता और ग्राहकों को पता नहीं चलता।
स्टिंग 3: राजवाड़ा मार्केट, इंदौर
इंदौर के राजवाड़ा मार्केट में रिपोर्टर ने पुरुषोत्तम कृष्णदास सुगंधी की दुकान पर वर्क मांगा। दुकानदार ने दो तरह के पैकेट दिखाए।
दुकानदार: ₹100 में चांदी के 10 वर्क मिलेंगे।
रिपोर्टर: कुछ और सस्ता मिलेगा?
दुकानदार: यह हलका वाला चांदी का वर्क है। ₹20 में 10 मिल जाएंगे।
स्टिंग में दुकानदार ने सस्ते वर्क को भी चांदी का बताया।
10 ग्राम चांदी से 250 वर्क बनते हैं तो 150 शीट का पैकेट ₹1,500 में कैसे?
बाजार में 150 शीट के वर्क का पैकेट ₹1,300 से ₹1,500 में बिक रहा है। सराफा कारोबारियों के मुताबिक, 10 ग्राम चांदी से अधिकतम 250 शीट वर्क तैयार हो सकते हैं। 10 ग्राम चांदी का भाव ₹1,910 से ₹2,100 के बीच है।
ऐसे में 150 शीट के पैकेट की कीमत 1500 रुपए होना संभव नहीं है। इसकी वास्तविक कीमत का आकलन उसमें इस्तेमाल हुई चांदी की वास्तविक मात्रा, वर्क बनाने की मजदूरी और व्यापारियों का मार्जिन से होता है।
कारोबारियों के मुताबिक, मध्यप्रदेश में चांदी का वर्क गुजरात और राजस्थान से आता है। एल्युमिनियम का वर्क भी दूसरे राज्यों से मंगाया जाता है।
एल्युमिनियम के सेवन से सेहत पर क्या असर हो सकता है?
पूर्व सीएमएचओ वीणा सिन्हा के मुताबिक, शरीर के लिए रोजाना 5 मिलीग्राम से कम चांदी का सेवन ही सुरक्षित माना जाता है, लेकिन चांदी की जगह एल्युमिनियम का सेवन शरीर के लिए घातक है।
हमें सोच समझकर इन वस्तुओं का इस्तेमाल करना चाहिए। उपभोक्ता इनकी स्थानीय स्तर पर भी जांच करवा सकते हैं।
दिमाग:एल्युमिनियम दिमाग की कोशिकाओं में जमा होने लगता है, जिससे अल्जाइमर जैसी गंभीर मानसिक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
लिवर:जहरीले एल्युमिनियम को शरीर से बाहर प्रोसेस करने में लिवर पर बहुत ज्यादा तनाव और दबाव पड़ता है।
पेट: यह पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाता है, जिससे उल्टी, मिचली, पेट खराब होना और कब्ज जैसी शिकायतें होती हैं।
किडनी: शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने वाली किडनी पर इसका सबसे बुरा असर पड़ता है। इससे किडनी डैमेज होने का जोखिम रहता है।
ऐसे करें असली और नकली वर्क की पहचान
रगड़ टेस्ट : उंगलियों के बीच थोड़ा सा वर्क लेकर मलें, अगर वर्क तुरंत गायब हो जाता है, उंगली पर नहीं चिपकता तो वह असली चांदी है, अगर वह गोल गोली बन जाए या काला होकर उंगलियों में चिपक जाए तो वह एल्युमिनियम है।
फायर टेस्ट : वर्क को माचिस की तिल्ली से सीधे आग पर जलाएं। असली चांदी जलने के बाद सफेद अवशेष छोड़ती है या पिघलकर गोल बूंद बन जाती है। वहीं नकली एल्युमिनियम वर्क जलकर काला पड़ जाता है और उसमें से धुआं निकलता है।
एसिड टेस्ट : वर्क पर हाइड्रोक्लोरिक एसिड या घर में रखा सिरका (Vinegar) की कुछ बूंदें डालें। मिलावटी या एल्युमिनियम वर्क तुरंत काला पड़ जाएगा।
अफसर बोले- शिकायत मिलने पर कार्रवाई करते हैं
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प के मुताबिक, त्योहारों के दौरान मिठाई और मेवे की दुकानों का निरीक्षण किया जा रहा है। खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर लैब में जांच कराई जा रही है।
मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले सिल्वर वर्क की गुणवत्ता भी जांच के दायरे में है। मिलावट की शिकायत या आशंका मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट- जलज नागदा, इंदौर