पश्चिमी यूपी में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है। शुक्रवार सुबह से आगरा, मथुरा और हाथरस समेत 5 शहरों में तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर बारिश हो रही है। आगरा में इतनी बारिश हुई कि सीएम को योगी का दौरा रद्द करना पड़ा।
मथुरा में आंधी के साथ जोरदार बारिश हुई। सभी स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ी। हाथरस मंडी में रखी धान की हजारों बोरियां भीग गईं। सड़कों में पानी भर गया। आज 37 जिलों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है।
लखनऊ मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के पास बने पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी यूपी में मौसम बदला है। कल पूर्वी यूपी में भी हल्की बारिश हो सकती है।
इससे पहले गुरुवार को नोएडा और गाजियाबाद समेत 20 शहरों में आंधी-बारिश हुई। नोएडा में 7 मंजिला कॉमर्शियल बिल्डिंग की शटरिंग गिर गई। कासगंज में बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई।
उधर, लखनऊ में बाढ़ से हालात बिगड़े हुए हैं। फैजुल्लागंज इलाके की 3 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित है। गोमती का जलस्तर घटने जरूर लगा है, लेकिन घरों में 20वें दिन भी पानी भरा है।
आगरा में खराब मौसम के चलते सीएम योगी का दौरा रद्द हो गया है। उन्हें आज सुबह करीब 11 बजे आगरा पहुंचना था। यहां पर उन्हें ताज ईस्ट गेट पर निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम का निरीक्षण करना था। MLC चुनाव के लिए जनसभा करनी थी।
हाथरस में आज सुबह 4:00 बजे पहले तेज और फिर रिमझिम बारिश हुई। बारिश के बाद सुबह से ही ठंडी हवाएं चल रही हैं। बारिश से शहर में स्थान स्थान पर जल भराव हो गया। कृषि उत्पादन मंडी समिति में किसानों का धान भीग गया।
मथुरा में शुक्रवार सुबह से आंधी चल रही है। तेज बारिश हो रही है। बारिश से मौसम ठंडा हो गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भारी बारिश को देखते हुए स्कूलों की छुट्टी कर दी है।
धान की फसल पर रखें नजर, जलभराव से बचाएं सब्जियां
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, बीएचयू के भू-भौतिकी विभाग के तकनीकी अधिकारी एवं मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार खेती-किसानी की गतिविधियां संचालित करने की सलाह दी है।
उन्होंने बताया कि इस समय धान की फसल दाना भरने से लेकर पकने की अवस्था में है। किसानों को खेतों में नमी की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए और जरूरत के अनुसार ही सिंचाई करनी चाहिए। फसल पकने पर समय से कटाई करें और कटाई के बाद उपज को नमी से बचाकर सुरक्षित स्थान पर रखें।
भिंडी, लौकी, तोरई, कद्दू, पत्तागोभी और फूलगोभी की तैयार उपज की समय पर तुड़ाई और कटाई करने की सलाह दी गई है। खेतों में जलभराव न होने दें और फसलों में कीट व रोग के लक्षणों की नियमित निगरानी करें।